शनिवार, 1 जनवरी 2011

नवल वर्ष तेरा अभिनन्दन हो!

नवल वर्ष तेरा अभिनन्दन हो!

नवल चेतना, नवल सृजन हो,
मंजुल मंगल परिवर्तन हो,
नवल वर्ष की मधुर छाँव में
पुलकित प्रमुदित जन-जीवन हो!
नवल वर्ष तेरा…………………(१)

नवल राह हो, नवल चाह हो,
नवल सोच हो, नव उछाह हो,
नवल भावना, नवल कामना
नवल कर्म, नव जागृत मन हो!
नवल वर्ष तेरा…………………(२)

नव गिरि-कानन, गगन नवल हो,
नवल पवन हो, चमन नवल हो,
मानवता की नवल पौध हो,
और नवल जीवन-दर्शन हो!
नवल वर्ष तेरा…………………(३)

- राजेश मिश्र

3 टिप्‍पणियां:

  1. वाह वाह बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति राजेश जी.."मानवता की नवल पौध हो, और नवल जीवन-दर्शन हो! नवल वर्ष, तेरा अभिनन्दन हो !" आपका भी नव वर्ष मंगल कामनाएँ !

    जवाब देंहटाएं
  2. नवल चेतना, नवल सृजन हो,
    मंजुल मंगल परिवर्तन हो,
    नवल वर्ष तेरी मधुर छाँव में
    पुलकित प्रमुदित जन-जीवन हो!
    नवल वर्ष, तेरा अभिनन्दन हो!

    वाह बहुत सुन्दर भाई........
    नवागत वर्ष हम सभी की सद-इच्छाओं को पूरा करने वाला हो, प्रभु से यही प्रार्थना है.

    जवाब देंहटाएं
  3. नवल राह हो, नवल चाह हो,
    नवल सोच हो, नव उछाह हो,
    नवल भावना, नवल कामना
    नवल कर्म, नव जागृत मन हो!
    नवल वर्ष, तेरा अभिनन्दन हो!
    bahut Sundar rachna.

    जवाब देंहटाएं

जीवन चौथेपन में दुष्कर

जीवन चौथेपन में दुष्कर, धीरज धरना पड़ता है। मरने से पहले वर्षों तक घुट-घुट मरना पड़ता है।। दुखित व्यक्ति का साथ जगत् में किसको ईप्सित होता ह...