गुरुवार, 30 नवंबर 2017

हमारा प्यारा गाँव

मैं
तुम
निकले
शहर को
तकता रहा
जाते युवाओं को
हमारा प्यारा गाँव.

मैं
तुम
रहते
शहर में
बाट जोहता
बूढ़ी सूनी आँखों
हमारा प्यारा गाँव.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

जीवन चौथेपन में दुष्कर

जीवन चौथेपन में दुष्कर, धीरज धरना पड़ता है। मरने से पहले वर्षों तक घुट-घुट मरना पड़ता है।। दुखित व्यक्ति का साथ जगत् में किसको ईप्सित होता ह...