बुधवार, 6 दिसंबर 2017

साया

नज़रें उठाकर देख मैं तेरा साया हूँ
छुप के छुपाकर देख मैं तेरा साया हूँ
दिल से लगाकर देख मैं तेरा साया हूँ
पास में आकर देख मैं तेरा साया हूँ

दु:ख की धूप में तुझे नज़र मैं आती हूँ
सुख की छाँव में मैं ओझल हो जाती हूँ
पग-पग तेरे साथ मैं तेरा साया हूँ
दिन हो या हो रात मैं तेरा साया हूँ

चाह हमेशा यही खुशी के रंग बिखेरूँ
जब-जब हो तुम थकित अंक में अपने ले लूँ
चाँद मेरे हमराह मैं तेरा साया हूँ
तेरी ही मुझे चाह मैं तेरा साया हूँ

विधि का है यह मेल मैं तेरे साथ में हूँ
जीवन का यह खेल मैं तेरे साथ में हूँ
थक ना, ना कर आह मैं तेरा साया हूँ
भर ले मन में उछाह मैं तेरा साया हूँ

हार नहीं मानूँगी मैं अंतिम साँसों तक
वचन निबाहूँगी पिया आखिरी रातों तक
मुझमें समाकर देख मैं तेरा साया हूँ
हर जनम बुलाकर देख मैं तेरा साया हूँ

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