गुरुवार, 7 दिसंबर 2017

हरि दर्शन

हरि दर्शन
तड़पत है मन
तकें नयन

मृदु वचन
पवित्र आचरण
सत्य कथन

सेवा मगन
सहायक निर्धन
प्रभु चिन्तन

मन दर्पण
सब प्रभु अर्पण
कृपा अयन

प्रभु मिलन
हर्षित तन-मन
धन्य जीवन

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