गुरुवार, 20 नवंबर 2025

कुटिल भ्रमर तेरी यादें

कुटिल भ्रमर तेरी यादें।।

हृदय-कमल पर मँडराती हैं 
मधुरिम मधुरस ले जाती हैं
कर-करके मीठी बातें।।१।।

मन मादकता भर जाती हैं 
तन को घायल कर जाती हैं 
हौले-हौले कर घातें।।२।।

अतिशय निर्दय निष्ठुर निर्मम
कर जाती हैं नयनों को नम 
दे जातीं विरहिन रातें।।३।।

- राजेश मिश्र

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