पुरी पावनी पूजनीया अयोध्या।
सभी जानते हैं सभी मानते हैं,
सदा राम की वंदनीया अयोध्या।।
जहाँ राम जन्मे जहाँ राम खेले,
जहाँ राम राजें वही है अयोध्या।
रहेगी सदा राम की ही अयोध्या,
सदा राम की ही रही है अयोध्या।।
बिजली रानी! क्या मनमानी? कितना हमें सताती हो! रहना मुश्किल बिना तुम्हारे, छोड़ हमें क्यों जाती हो? बिल तो हम पूरा देते हैं, टाइम पर भर आते ह...
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