पुरी पावनी पूजनीया अयोध्या।
सभी जानते हैं सभी मानते हैं,
सदा राम की वंदनीया अयोध्या।।
जहाँ राम जन्मे जहाँ राम खेले,
जहाँ राम राजें वही है अयोध्या।
रहेगी सदा राम की ही अयोध्या,
सदा राम की ही रही है अयोध्या।।
राम का नाम लेकर जिएँ उम्र भर, मौत पर राम का नाम मुख में रहे। भाव ऐसा भरो राम! मन में मेरे, प्रश्न कुछ भी रहे राम ही हम कहें।। राम का नाम लेक...
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