पुरी पावनी पूजनीया अयोध्या।
सभी जानते हैं सभी मानते हैं,
सदा राम की वंदनीया अयोध्या।।
जहाँ राम जन्मे जहाँ राम खेले,
जहाँ राम राजें वही है अयोध्या।
रहेगी सदा राम की ही अयोध्या,
सदा राम की ही रही है अयोध्या।।
भोग्या माने महिलाओं को बाकी दुनिया सारी है। दिव्य सनातन सिखलाता है, नित-प्रति वन्दित नारी है।। पूर्व पिता से पूज्या माता, भ्राता से पहले भग...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें