मौत पर राम का नाम मुख में रहे।
भाव ऐसा भरो राम! मन में मेरे,
प्रश्न कुछ भी रहे राम ही हम कहें।।
राम का नाम लेकर उठें प्रात में,
राम का नाम लेकर शयन हम करें।
राम से काम का हर शुभारंभ हो,
राम का नाम लेकर अशन हम करें।
राम का नाम ले घर से निकलें सदा,
हर कदम राम का नाम संग-संग रहे।
भाव ऐसा भरो राम! मन में मेरे,
प्रश्न कुछ भी रहे राम ही हम कहें।।१।।
राम हों वाक् में, कर्म में राम हों,
राम हों चक्षु में, कर्ण में राम हों।
श्वास में अनवरत राम का नाम हो,
राम मन में रमें, भाव में राम हों।
राम में प्रेम बढ़ता रहे रात-दिन
राम हित हम सभी दुःख सुख से सहें।
भाव ऐसा भरो राम! मन में मेरे,
प्रश्न कुछ भी रहे राम ही हम कहें।।२।।
राम जंगम बसें, राम जड़ में बसें,
राम चेतन बसें, हर अचेतन बसें।
हैं उपादान प्रभु राम ही सृष्टि के,
दृष्टि निर्दोष यदि, राम कण-कण बसें।
राम के नाम का घोष है हर तरफ,
हर हृदय की धड़क राम ही बस कहे ।
भाव ऐसा भरो राम! मन में मेरे,
प्रश्न कुछ भी रहे राम ही हम कहें।।३।।
अशन = भोजन
- राजेश मिश्र
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