गुरुवार, 30 जुलाई 2026

कितना मुश्किल होता है

इक छोटा परिवार चलाना कितना मुश्किल होता है।
आशाएँ पूरी कर पाना कितना मुश्किल होता है‌।।

संभव नहीं सभी की उम्मीदों पर खरा उतर पाना, 
किंतु उन्हें यह समझा पाना कितना मुश्किल होता है‌।

बहुत सरल है प्रश्न उठाना और किसी की क्षमता पर,
किंतु वही खुद कर दिखलाना कितना मुश्किल होता है।

दुनिया की हर एक चुनौती हँसकर है स्वीकार हमें,
लेकिन अपनों से लड़ पाना कितना मुश्किल होता है।

सबकी गलती पर उठ जाती है उंगली आसानी से, 
निज गलती का ढोल बजाना कितना मुश्किल होता है।

जहर तुम्हारे हिस्से का भी पी लेंगे हम, हमें पता है
रोक गले में इसको पाना कितना मुश्किल होता है। 

- राजेश मिश्र

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