ध्वनि बस एकइ नाम की…
जय बोलो श्रीराम की।
जय बोलो श्रीराम की।।
कौशल्यानंदन, कैकेई के आँखों के तारे
भरत-लखन-रिपुसूदन-अग्रज दशरथ प्राण-अधारे
हनुमत-हृदय जानकीवल्लभ
रघुकुल ललित ललाम की…
जय बोलो श्रीराम की।
जय बोलो श्रीराम की।।१।।
तिलक ललाट मौलि मस्तक पर कानन कुंडल सोहे
सिंह-स्कंध विशाल वक्ष दृढ़ कर धनु-शर मन मोहे
रूप अनूप हरे छवि क्षण में
कोटि-कोटि शत काम की…
जय बोलो श्रीराम की।
जय बोलो श्रीराम की।।२।।
कोमलचित कृपालु रघुराई भक्तों के रखवाले
शरणागत पर सद्य द्रवित हों झटपट अंक लगा लें
पाप-ताप-हर, संतत सूखकर,
परम पुरुष पर-धाम की…
जय बोलो श्रीराम की।
जय बोलो श्रीराम की।।३।।
- राजेश मिश्र
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