शुक्रवार, 15 अगस्त 2025

तेरी लीला वह ही जाने, तू जतलाए जिसको

जन्म लिया है कोख से किसकी, 
मिले बधाई किसको 
तेरी लीला वह ही जाने, 
तू जतलाए जिसको
कान्हा! तू जतलाए जिसको…

कौन जानता कारागृह में 
क्या लीला दिखलाई।
हर्षित हैं वसुदेव-देवकी 
झूमे जसुदा माई।
बाबा नंद मगन-मन नाचें 
सुध-बुध किसकी किसको
तेरी लीला वह ही जाने, 
तू जतलाए जिसको
कान्हा! तू जतलाए जिसको…(1)

गगनगिरा सुन कैद में डाला 
बहन प्राण से प्यारी।
बालक मारे, नहीं विचारे 
खल पापी कुविचारी।
कंस अभागा कभी न जागा 
मारा चाहे किसको 
तेरी लीला वह ही जाने, 
तू जतलाए जिसको
कान्हा! तू जतलाए जिसको…(2)

घर-घर मंगलगान बज रहा 
मुदित नगर नर-नारी।
बाल-वृद्ध वय भूल कूदते 
चहुँदिसि उत्सव भारी।
हे जगवंदन! दारुण बन्धन 
भव का, काटो इसको 
तेरी लीला वह ही जाने, 
तू जतलाए जिसको
कान्हा! तू जतलाए जिसको…(3)

- राजेश मिश्र

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