रविवार, 4 अक्टूबर 2026

गणनायक आओ

गणनायक आओ…
गजानन गणनायक आओ।।

प्रथम-पूज्य हे सिध्दिविनायक!
मोदक-प्रिय मुद मङ्गलदायक
रिद्धि-सिद्धि लाओ…

सङ्ग निज रिद्धि-सिद्धि लाओ।
गजानन गणनायक आओ।।१।।

पाशाङ्कुश वर-मुद्रा राजत
मस्तक पर सिन्दूर विरासत 
मूषक चढ़ि आओ…

परम प्रिय मूषक चढ़ि आओ।
गजानन गणनायक आओ।।२।।

शैलसुता-शिव सुत लम्बोदर
एकदन्त गुणवन्त कृपाकर
करुणा बरसाओ…

जनों पर करुणा बरसाओ।
गजानन गणनायक आओ।।३।।

वक्रतुण्ड नित प्रमुदित-आनन
सदय चतुर्भुज बन्धु-षडानन
दर्शन दे जाओ…

वेगि प्रभु दर्शन दे जाओ।
गजानन गणनायक आओ।।४।।

सुखकर शुभकर विघ्नविनाशक
स्मृति-विवेक-बल-बुद्धि प्रकाशक 
ज्योति जगा जाओ…

हृदय में ज्योति जगा जाओ।
गजानन गणनायक आओ।।५।।

- राजेश मिश्र

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