गजानन गणनायक आओ।।
प्रथम-पूज्य हे सिध्दिविनायक!
मोदक-प्रिय मुद मङ्गलदायक
रिद्धि-सिद्धि लाओ…
सङ्ग निज रिद्धि-सिद्धि लाओ।
गजानन गणनायक आओ।।१।।
पाशाङ्कुश वर-मुद्रा राजत
मस्तक पर सिन्दूर विरासत
मूषक चढ़ि आओ…
परम प्रिय मूषक चढ़ि आओ।
गजानन गणनायक आओ।।२।।
शैलसुता-शिव सुत लम्बोदर
एकदन्त गुणवन्त कृपाकर
करुणा बरसाओ…
जनों पर करुणा बरसाओ।
गजानन गणनायक आओ।।३।।
वक्रतुण्ड नित प्रमुदित-आनन
सदय चतुर्भुज बन्धु-षडानन
दर्शन दे जाओ…
वेगि प्रभु दर्शन दे जाओ।
गजानन गणनायक आओ।।४।।
सुखकर शुभकर विघ्नविनाशक
स्मृति-विवेक-बल-बुद्धि प्रकाशक
ज्योति जगा जाओ…
हृदय में ज्योति जगा जाओ।
गजानन गणनायक आओ।।५।।
- राजेश मिश्र
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