सत्य सनातन सदा सुरक्षित वीरों के बलिदानों से।।
इस्लामी आँधी के आगे झुके नहीं वे तने रहे।
नमन है गुरु, गुरु-पुत्रों को जो धर्म-धुरंधर बने रहे।
मैं वह नदिया प्यासी है जो, प्यास बुझाकर सबकी। सावन! आना, हृदय लगाना, बाँहों में भर अबकी।। चाहे जितना भी थकती हूँ, पर अविरल बहती रहती हूँ। प...
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