सत्य सनातन सदा सुरक्षित वीरों के बलिदानों से।।
इस्लामी आँधी के आगे झुके नहीं वे तने रहे।
नमन है गुरु, गुरु-पुत्रों को जो धर्म-धुरंधर बने रहे।
धधक रही है ज्वाला उर में फटने को तैयार शिरायें। आँखों से चिनगारी फूटे, फड़क रही हैं व्यग्र भुजायें।। क्रोध भयंकर कालिय-विष सा पल में सब कुछ ...
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