सोमवार, 21 सितंबर 2026

चिन्तन

(१)
मन एक अत्यन्त चञ्चल जीव की तरह है, जिसका स्वभाव वन-वन भटकना है। अतः इसे सुख-दुःख के कँटीले जंगलों की जगह आनन्द के सदाबहार वन में छोड़ दो।

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